जय भीम फिल्म विवाद की विस्तृत व्याख्या

सिनेमा की दुनिया में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा तमिल सुपरस्टार सूर्या की हो रही है। इसकी वजह उनकी हाल ही में ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म जय भीम रही है। आरोप लगाया गया है कि दक्षिण की वन्नियार जाति को गलत तरीके से दिखाया गया है. जिससे रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि अभिनेता सूर्या को भी खतरा हो सकता है।

इस वजह से उनकी सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। माहौल इस तरह बिगड़ गया है कि सूर्या पर हमला करने के बाद एक लाख रुपये देने की घोषणा की गई है. तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी पीएमके के एक नेता ने यह ऐलान किया है. पट्टाली मक्कल काची जिला सचिव सीतामल्ली पलानीसामी ने सूर्या पर हमला करने वाले को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है.

फिलहाल तमिलनाडु पुलिस ने गैर जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सूर्या के चेन्नई स्थित घर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. आपको बता दें कि 2 नवंबर को फिल्म जय भीम ओटीटी पर रिलीज हुई थी। यह फिल्म जातिगत भेदभाव पर बनी है। इस फिल्म में सूर्या एक हीरो की भूमिका निभा रहे हैं।

जहां वह पिछड़ी जातियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ते नजर आ रहे हैं. फिल्म को पांच भाषाओं तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया गया है। जहां तक ​​विवाद की बात है तो फिल्म के एक सीन में दिखाया गया है कि कैलेंडर पर अग्नि कुंडम दिखाई देते हैं. जो वनियार का प्रतीक है।

इस पर वन्नियार समाज ने आपत्ति दर्ज कराई है। एक विवाद यह भी है कि एक दृश्य में एक चरित्र को पुलिसकर्मियों द्वारा परेशान किया जाता है। प्रताड़ित करने वाला व्यक्ति वन्नियार जाति का बताया जा रहा है। पीएमके पार्टी का कहना है कि जय भीम फिल्म ने उनकी पार्टी की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है. सूर्या इस फिल्म का चेहरा हैं, जिसके चलते उन्हें लगातार नफरत का सामना करना पड़ रहा है।

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